होम लोन कैसे लें | Home Loan Interest Rates

दोस्तों हम अपने ब्अलॉग में आपको पैसे कमाने के नए नए तरीके बताते हैं | और हम आपको यह भी बताने जा रहे हैं की पैसे कहा खर्च करें | कैसे खर्च करें | पिछली पोस्ट में हमने आपको कार खरीदने के बारे में बताया था | और कार लोन की पूरी जानकारी दी थी | आज हम आपको घर खरीदने के बारे में बताने जा रहे हैं  |  अगर आपने मेहनत करके पैसा कमा लिए हैं तो अब आप अपना एक घर भी लेना चाहते होगे | अगर आप केश में घर लेना चाहते हैं तो आप वो आराम से खरीद सकते हैं | लेकिन अगर आप बैंक से लोन लेना चाहते हैं तो आपको बहुत सारी जानकारी होनी चाहिये | जिसके बारे में आज हम आपको बता रहे हैं |

होम लोन क्यों लिया जाता है 

होम लोन कई प्रकार के कार्यों को करने के लिए लिया जा सकता है। जैसे कि अपने आवास के लिए भूमि का क्रय करने हेतु, अपने आवास स्थान के निर्माण हेतु तथा घर मकान इत्यादि के मरम्मत हेतु। इस लोन को प्रदान किए जाने से आपको यह सुविधा होगी कि इन कार्यों के लिए आपको अपने बचत को भंग करना नहीं पड़ेगा। किंतु लोन लेकर अर्जित की गई संपत्ति को लोन चुकता होने तक के लिए बैंक अथवा लोन संस्था गिरवी रख लेती है।

वैसे तो सभी बैंकों में प्रायः अलग-अलग ब्याज दर निर्धारित होते हैं। किंतु ब्याज दर का प्रारंभ सभी स्थानों में लगभग 6.47% से ही होता है। एवं आपके द्वारा गिरवी रखी जा रही संपत्ति के वास्तविक मूल्य का लगभग 75 से 90 प्रतिशत तक की अनुमति प्रदान दी जाती है बैंक द्वारा। जिससे कि लगभग 30 वर्ष तक के समय में सहजता से उस लोन को चुकाना जा सके।

होम लोन लेने वालों को मिलने वाले लाभ

होम लोन लेने वालों को कई प्रकार के लाभ भी प्रदान किए जाते हैं। उदाहरण स्वरूप लोन पर छूट, 2.67 लाख रुपए तक की आयकर छूट, टॉप अप लोन की सुविधा, तथा बैलेंस स्थानांतरण की छूट जैसे लाभ प्रदान किये जाते हैं।

आज के हमारे इस लेख में हम होम लोन के विषय में विस्तार से जानेंगे कि होम लोन की विशेषताएं क्या हैं , होम लोन के कितने प्रकार हैं,  इत्यादि सब कुछ। आइए तो प्रारंभ करते हैं

होम लोन की विशेषताएं तथा लाभ क्या क्या हैं

वैसे तो सभी बैंकों एवं लोन संस्थाओं में उनकी विशेषताएं तथा लाभ भिन्न-भिन्न होती हैं। जिनमें से कुछ लाभ तथा विशेषताएं हमने आपको नीचे बताए हैं।

1. सभी बैंक तथा ऋण संस्थान अपने-अपने होम लोन को और अधिक सस्था बनाने हेतु बहुत ही कम ब्याज दर पर यह लोन उपलब्ध कराती है

2. ब्याज चुकाने के लिए आपको प्रायः 30 वर्ष तक की अवधि प्रदान की जाती है। जिसके पश्चात आपका मासिक ब्याज भी बहुत ही कम हो जाता है। एवं इसलिए आपको लोन चुकाने के लिए एक लंबा समय भी प्राप्त हो जाता है।

3. इसके साथ ही वर्तमान में आपने जिस बैंक या संस्था से लोन ले रखा है। अपने उस लोन को अपनी सुविधा के अनुसार आप किसी भी बैंक या लोन संस्था में वहां से स्थानांतरित करवा सकते हैं। एवं ऐसा करने से आपको पहले की तुलना में कम ब्याज भुगतान करना होगा।

4. टॉप अप लोन की छूट अर्थात आप अपने होम लोन के साथ ही अपने अन्य किसी व्यवसाय से जुड़ी आवश्यकता हेतु कुछ अतिरिक्त राशि लोन के तौर पर लेते हैं।

5. एवं यदि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत लोन लिया जाए। तो 2.67 लाख रुपए तक का बचत लाभ हो सकता है लोन के ब्याज भुगतान पर।

6. आयकर विभाग द्वारा निर्धारित कर अधिनियम के एक्ट 80 c के अनुसार तथा 80eea के अनुसार एवं एक्ट 24b के अनुसार अपने लोन को ब्याज सहित चुका लेने पर आयकर छूट भी प्रदान की जाती है।

होम लोन की ब्याज दरें कितने प्रकार की होती हैं | Home Loan Interest Rates

इसके अंतर्गत दो प्रकार की ब्याज दरें होती है जिनमें से पहला है फिक्स्ड ब्याज दर तथा दूसरा है फ्लोटिंग ब्याज दर

1. फिक्स्ड ब्याज दर क्या है:-

फिक्स्ड ब्याज दर के अंतर्गत आपके लोन चुकता होने तक के पूरे समय में आपके ब्याज की रकम एक समान रहती है। बढ़ती घटती नहीं है इसलिए आपका मासिक ब्याज दर भी पूरे भुगतान काल तक एक समान ही रहता है।
हालांकि इसके कुछ लाभ एवं नुकसान भी हैं आइए इसके लाभ एवं नुकसान के विषय में जानते हैं।

फिक्स्ड लोन में क्या लाभ हैं:-

1. इसका प्रथम लाभ तो यह है कि क्योंकि पूरे भुगतान काल में इसकी ब्याज दरें समान रहेगी इसलिए आपको अपने लोन भुगतान करने के लिए पहले से ही योजना बनाने में आसानी होगी क्योंकि आपको पता होगा कि आपको कितना भुगतान करना है।

2. एवं इसका दूसरा लाभ है कि क्योंकि पूरे समय ब्याज दर समान ही रहती है। तो इसलिए यदि लोन भुगतान के दौरान बैंक अपनी ब्याज दरें बढ़ाता भी है तो आप तथा आपकी लोन इससे प्रभावित नहीं होंगे।

फिक्स्ड ब्याज दर के नुकसान क्या हैं:-

1. फिक्स्ड ब्याज दर फ्लोटिंग ब्याज दर की तुलना में लगभग 1 से 2.5% अधिक होता है।

2. एवं इसके साथ ही एक नुकसान यह भी है कि आपका ब्याज दर पूरे समय एक समान रहने वाला है। इसलिए यदि इस दौरान बैंक अपनी ब्याज दर घटाता है तो आप इसके लाभ लेने से वंचित रह जाएंगे।

2 . फ्लोटिंग ब्याज दर क्या है:-

फ्लोटिंग ब्याज दर ऐसा ब्याज दर है जिसके अंतर्गत ब्याज दरें बढ़ाना एवं घटना स्वाभाविक है।

1. फिक्स्ड ब्याज दर की तुलना में फ्लोटिंग ब्याज दर अधिक सस्ती होती है।

2. फ्लोटिंग ब्याज दर के अंतर्गत किसी प्रकार का पूर्व भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होती। ब्याज रकम रेफरेंस प्वाइंट के अंतर्गत बैंक के प्रकाशन के अधीन है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया एवं अन्य कारकों के अधीन है।

फ्लोटिंग ब्याज दरों के नुकसान बताएं :-

1. फ्लोटिंग ब्याज दरों की केवल एक ही नुकसान है कि इसके के मासिक ब्याज में परिवर्तन के कारण आपको लोन भुगतान करने में और असुविधाओं का सामना करना पड़ता है।

होम लोन कितने प्रकार का होता है 

होम लोन प्रदान करने वाली कंपनियां कई प्रकार के होम लोन प्रदान करती हैं। जिनमें से आप लोन लेने से पूर्व अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार अपने लिए होम लोन का चयन कर सकते हैं।

होम लोन के कुछ निम्नलिखित प्रकार नीचे दिए हैं।

1. पूर्व निर्मित घर खरीदने हेतु लोन:-यह लोन पहले से बने हुए पुराने घर को खरीदने के लिए प्रदान किया जाता है। यह होम लोन का सबसे सामान्य प्रकार है। इसके अंतर्गत बैंक या लोन संस्थान आपके खरीदे गए घर के मूल्य का लगभग 75 से 90% तक का ऋण प्रदान करेगी।

2. संयुक्त ऋण या लोन:-इसके अंतर्गत आपको गृह निर्माण के लिए भूमि खरीदने हेतु लोन प्रदान किया जाता है। भूभाग खरीदने के लिए लोन की राशि का एक भाग आवेदन करता को पहले ही प्रदान कर दी जाती है ।एवं बाकी का निर्धारित रकम प्रदान करने का समय गृह निर्माण के चरणों पर निर्भर होता है।

3.घर के निर्माण हेतु लोन:-यह लोन आपको गृह निर्माण करवाने के लिए प्रदान किया जाता है। एवं संयुक्त लोन की भांति ही इस लोन को भी प्रदान करना घर के निर्माण के चरणों पर निर्भर करता है।

4.घर के मरम्मत करवाने हेतु लोन:-यह लोन आपको आपके घर के मरम्मत करवाने हेतु प्रदान किया जाता है। सामान्य होम लोन के समान ब्याज की रकम इस लोन में भी होती है। लेकिन लोन भुगतान की अवधि इससे छोटी होती है।

5.घर के विस्तार हेतु लोन:-आपको अपने घर और विस्तृत बनाना है तो आप यह लोन ले सकते हैं। इसके अंतर्गत बैंक अथवा वित्तीय संस्थान 75 से 90% तक निर्माण के मूल्यों के आधार पर प्रदान करते हैं।

6. ब्रिज लोन या नया घर खरीदने हेतु ऋण:-इस लोन के अनुसार आप अपने पुराने घर को बेचकर नया घर ले सकते हैं। एवं इसके लिए यदि नया घर को लेने में पैसे कम पड़ रहे हों तो इस लोन के अंतर्गत जितने पैसे कम पड़ रहे हों उतने प्रदान किए जाते हैं।

7. ब्याज की बचत करने वाला लोन:-इस लोन के अंतर्गत आपके लोन के खाते को आपके बैंक खाते से जोड़ा जाता है। एवं उससे आपके मासिक ब्याज को काटने के बावजूद बचने वाली अतिरिक्त राशि को भी लोन भुगतान हेतु वसूला जाता है। ऐसा करने से ब्याज की भी बचत होती है।यह लोन भी अधिविकर्ष(overdraft) कि सुविधा के समान ही है।

8. स्टार्टअप लोन:-इस लोन के अंतर्गत आपको प्रारंभिक माहों में मासिक ब्याज का कम भुगतान करना पड़ता है। लेकिन धीरे-धीरे समय के साथ इसका मासिक ब्याज दर या इ एमआई दर बढ़ता रहता है। इस लोन की व्यवस्था खासकर युवा वर्ग के लिए बनाई गई है जिन्होंने अभी-अभी अपना व्यवसाय आरंभ किया है।

होम लोन के लिए आवेदन हेतु पात्रता 

1. होम लोन के लिए भारत के स्थाई निवासी के साथ-साथ भारत के बाहर रहने वाले भारतीय नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं।

2. आवेदन कर्ता की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच की होनी चाहिए तभी वे आवेदन कर सकते हैं।

3. एवं आवेदन कर्ता का क्रेडिट स्कोर भी 7. 50 सौ से अधिक होनी चाहिए।

4. आवेदन कर्ता यदि नौकरी करते हों तो उनका कार्य अनुभव कम से कम 2 वर्ष का होना चाहिए। एवं यदि अपना कोई व्यवसाय हो तो कम से कम 3 वर्ष का अनुभव होना अनिवार्य है।

5. इसके लिए आवेदन करने हेतु आवेदन कर्ता का मासिक आय कम से कम ₹25000 होना चाहिए। यह मासिक आय अलग-अलग लोन संस्थानों में अलग अलग हो सकता है।

होम लोन के लिए आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज 

1. आवेदन करने हेतु आपकी पहचान पत्र की आवश्यकता होगी जोकि आपका आधार कार्ड, पैन कार्ड ,वोटर कार्ड एवं पासपोर्ट हो सकता है।

2. आपका आयु प्रमाण पत्र आवश्यक होगा।

3. आप का निवास प्रमाण पत्र,

4. आपकी पासपोर्ट साइज फोटो,

5. एवं आपका आय प्रमाण पत्र,

6. एवं आपकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेज

कुछ परिस्थितियों में दस्तावेजों की संख्या बढ़ तथा घट जाती है। इसलिए हमारे द्वारा बताए गए दस्तावेजों के अतिरिक्त भी अन्य दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ सकती है।

होम लोन भुगतान के अतिरिक्त भी कई प्रकार के देने होंगे भुगतान ?

1.आवेदन शुल्क:-यह शुल्क आपके दस्तावेजों के सत्यापन हेतु होने वाले खर्चे की भरपाई करती है।

2. प्रक्रमण शुल्क:-यह शुल्क आपके क्रेडिट स्कोर के शुल्क की भरपाई करता है।

3. फोरक्लोजर शुल्क:-यह शुल्क ऋण धारक यदि समय से पूर्व ही अपना ऋण चुका देता है तो उस पर लगाया जाता है। जोकि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के द्वारा नियम निर्धारण होने के कारण फ्लोटिंग ब्याज दर पर नहीं वसूला जाता। एवं फिक्स्ड व्याज पर किसी किसी बैंक में या संस्थान में लिया जाता है।

४. भुगतान के प्रकार में परिवर्तन करवाने पर वसूले जाने वाले शुल्क:-यदि ऋण धारक ऋण भुगतान के दौरान अपना भुगतान के प्रकार का परिवर्तन करवाते हैं तो लगभग ₹500 तक की शुल्क वसूली जाती है।

5 . ब्याज की रकम कम करवाने या बदलवाने पर शुल्क:-यदि आप ब्याज की रकम बदलने या कम करने के लिए प्रार्थना करेंगे तो आप की मूल राशि का लगभग 2% इसके शुल्क के तौर पर आप से वसूला जाएगा।

6. केंद्रीय रजिस्ट्री ऑफ सिक्योरिटीज:-यह केंद्र की ब्याज सुरक्षा नीति है। इसके अंतर्गत आपके द्वारा गिरवी रखी गई संपत्ति का सत्यापन होता है। कि कहीं आप की रखी गई संपत्ति पर किसी दूसरे बैंक का दावा तो नहीं है। इस सत्यापन के प्रक्रिया को पूर्ण करने हेतु बैंक अपनी ओर से कुछ राशि का भुगतान करता है। एवं बाद में इसे आप से वसूलता है।

7. मासिक ब्याज के भुगतान में देरी होने पर वसूला जाने वाला शुल्क:-यदि मासिक ब्याज (ई एम आई) की भरपाई में देरी हो जाती है। इस स्थिति में आपकी निश्चित ब्याज के अतिरिक्त भी कुछ धनराशि भी वसूली जाती है। एवं आपके बैंक खाते में ईएमआई के भरपाई हेतु पर्याप्त धनराशि ना हो तो बाद में भुगतान करने पर लगभग ₹500 तथा किसी बैंक में इससे अधिक का भुगतान वसूला जाता है।

8. संवैधानिक शुल्क:-आवेदन के लिए जमा दिए गए दस्तावेजों के सत्यापन के संग फॉर्म को शामिल करने पर लिया जाता है यह शुल्क। इसे कई बैंक प्रोसेसिंग शुल्क के साथ ही जोड़ लेते हैं। लेकिन कई बैंकों में इसका भुगतान अलग से करना होता है।

9. स्टांप शुल्क:-यह शुल्क कोई भी राज्य सरकार अपनी संपत्ति के स्थानांतरण करवाने पर वसुलती है। एवं यह भुगतान राशि सभी राज्यों में अलग-अलग होती है। इसका कोई निश्चित मानदंड नहीं बताया जा सकता है। तथा यह उसी राज्य के कानून पर निर्भर करता है कि अपनी जनता से यह शुल्क कितनी वसूली जाए।

होम लोन के लिए आवेदन कैसे करें:-

इस होम लोन के लिए आवेदन किसी भी लोन संस्था या बैंक से किया जा सकता है। इसके लिए आप ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों प्रकार से आवेदन कर सकते हैं

  1. होम लोन आवेदन के लिए आवेदन करने हेतु सर्वप्रथम किसी बैंक में अथवा किसी वित्तीय लोन संस्थान में जाएं। यदि ऑनलाइन आवेदन करना चाहते हैं तो इसकी वेबसाइट पर जाएं। ऑनलाइन होम लोन की जानकारी हम आपको जल्दी ही उपलब्ध करवायंगे |
  2. जिस संस्था से आप होम लोन ले रहे हैं वहां से होम लोन का फॉर्म प्राप्त करें एवं उसमें सारी जानकारियां अच्छी तरह भरकर दस्तावेजों के साथ अटैच कर जमा कर दें।
  3. इसके पश्चात आपके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। आपके द्वारा गिरवी रखी जा रही संपत्ति का सत्यापन किया जाएगा।
  4. इसके बाद आपको वहां से आपके दस्तावेजों का सत्यापन होने तथा आपका आवेदन स्वीकृत होने पर एक पुष्टि पत्र प्रदान किया जाएगा।
  5. इसके पश्चात आपको आपके बैंक खाते में लोन की राशि प्रदान कर दी जाएगी।

होम लोन लेते समय इन बातों का रखें ख्याल 

1. आमतौर पर फिक्स्ड ब्याज दर वाले लोन कम समय के भुगतान वाले लोन के लिए लागू होते हैं। तथा फ्लोटिंग ब्याज दर अधिक समय वाले लोन के लिए लागू किए जाते हैं। एवं कई बैंक तो हाइब्रिड लोन प्रदान करते हैं जिसमें दोनों प्रकार के ब्याज दर का लाभ आपको प्रदान किया जाता है।

2. अन्य अन्य बैंकों में लोन प्रदान करने के लिए आपकी योग्यता का मानदंड भिन्न भिन्न होता है। एवं इसलिए आप अपनी योग्यता जानने हेतु पैसा बाजार डॉट कॉम द्वारा जारी की गई लोन केलकुलेटर का उपयोग भी कर सकते हैं। एवं जान सकते हैं कि आप लोन लेने के लिए समर्थ है या नहीं।

3.जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया लोन लेने पर आपको कई प्रकार के अतिरिक्त शुल्क का भी भुगतान करना पड़ता है। जो कि सभी बैंकों में कुछ हद तक अलग-अलग होता है। इसलिए लोन लेने से पहले अच्छा होगा कि आप उस लोन संस्थान की नीतियां तथा शर्तें पढ़ लें।

4. तथा होम लोन स्थानांतरित करवाने, पूर्व भुगतान करने इत्यादि के विषय पर भी उस बैंक के किन नियमों का पालन करना होगा इस बात का ख्याल अवश्य कर लेना चाहिए।

5.एवं उपरोक्त बताए गए दस्तावेजों में त्रुटि होने पर तथा आपकी लोन चुकाने की सामर्थ था ना होने पर आपके आवेदन को अस्वीकार भी कर दिया जा सकता है। अतः इसके लिए आवेदन करने से पूर्व आप स्वयं ही इन बातों का ख्याल रखें।

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